उत्तराखंड में इंटीग्रेटेड पैक हाउस की शुरुआत, कृषि उत्पादों के निर्यात को मिलेगी नई रफ़्तार

Published: 05 Dec 2025, 08:55 AM   |   Updated: 05 Dec 2025, 08:55 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

उत्तराखंड में जल्द ही इंटीग्रेटेड पैक हाउस स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को विभागीय कैलेंडर के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।

राज्य में निर्यात बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में उत्पादित फसलों के निर्यात को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड पैक हाउस का निर्माण प्रस्तावित है। मंत्री ने परियोजना से संबंधित सभी दस्तावेजी कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण कर कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पैक हाउस बनने से किसानों की फसलों की गुणवत्ता और बाज़ार प्रतिस्पर्धा में उल्लेखनीय सुधार होगा।

फल-सब्जियों के निर्यात के लिए खुलेंगे नए आयाम

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इंटीग्रेटेड पैक हाउस अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कृषि उत्पादों की तैयारी सुनिश्चित करेगा। इससे राज्य में उत्पादित फल-सब्जियों के निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे और निर्यात बढ़ने से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। पैक हाउस के माध्यम से फसल की वैज्ञानिक ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, वाशिंग और पैकेजिंग की आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे नुकसान की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।

मिलेट उत्पादन बढ़ाने पर जोर

मंत्री ने मिलेट उत्पादन बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने चौबटिया स्थित रिसर्च सेंटर को शीघ्र शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे कृषि क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उद्यान विभाग में मानव संसाधन की मजबूती के लिए 415 मालियों की भर्ती प्रक्रिया तेज करने के भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि भर्ती के लिए प्रयाग पोर्टल खोला जा चुका है, जहां इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

ड्रैगन फ्रूट उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

बैठक के दौरान मंत्री ने ड्रैगन फ्रूट उत्पादन पर विशेष ध्यान देने और केंद्र व राज्य सरकार की सभी कृषि एवं उद्यान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी जारी किए। बैठक में विभागीय कार्यों को गति देने और किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

×