रामनगर ने खोया एक प्रबुद्ध व्यक्तित्व: 'ज्ञान विज्ञान' के संपादक टीपी गोला का निधन, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर

Published: 17 Feb 2026, 07:24 AM   |   Updated: 17 Feb 2026, 07:26 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

रामनगर। रामनगर के पत्रकारिता और सामाजिक जगत के लिए मंगलवार का दिन बेहद दुखद रहा। प्रख्यात पत्रिका 'ज्ञान विज्ञान' के संपादक, वरिष्ठ राशन डीलर और सामाजिक कार्यकर्ता टीका प्रसाद (टीपी) गोला (86 वर्ष) अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन की खबर फैलते ही बंबाघेर-मोतीमहल क्षेत्र सहित पूरे रामनगर में शोक की लहर दौड़ गई।

प्रमुख जानकारी (Key Highlights)

  • नहीं रहे मार्गदर्शक: टीपी गोला एक मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे, जिन्होंने अपनी पत्रिका के माध्यम से समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाया।

  • इलाज के दौरान निधन: परिजनों के अनुसार, उन्हें कुछ समय से हृदय संबंधी समस्या (Heart Problem) थी। काशीपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

  • भरा-पूरा परिवार: वह अपने पीछे तीन पुत्रों— नीरज गोला, चंचल गोला और पीयूष गोला के परिवारों को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं।

समाज के हर वर्ग ने दी श्रद्धांजलि

स्व. टीपी गोला के निधन पर शहर के राजनीतिक, सामाजिक और पत्रकारिता जगत के दिग्गजों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

"टीपी गोला जी का जाना रामनगर के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने हमेशा सकारात्मक पत्रकारिता और समाज सेवा को प्राथमिकता दी।"स्थानीय जनप्रतिनिधि

शोक व्यक्त करने वालों का तांता

विधायक दीवान सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत, पालिका अध्यक्ष हाजी मोहम्मद अकरम, और पूर्व पालिकाध्यक्ष भागीरथ लाल चौधरी सहित सैकड़ों लोगों ने शोक जताया।

पत्रकारिता जगत: विनोद पपनै, हरीश भट्ट, डॉ. जफर सैफी, गणेश रावत, राजीव अग्रवाल सहित दर्जनों मीडियाकर्मियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन: भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, सभासदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चंचल गोला और उनके परिवार को इस कठिन समय में धैर्य रखने की सांत्वना दी। इनमें खजान दास, सविता कपूर, इंदर सिंह रावत, मंजू नेगी और फैजुल हक जैसे नाम शामिल रहे।

एक युग का अंत

टीपी गोला केवल एक पत्रकार या राशन डीलर नहीं थे, बल्कि वे वार्ड सभासद पारस गोला के ताऊ और गंगा प्रसाद गोला के भाई के रूप में एक मजबूत पारिवारिक स्तंभ भी थे। उनके मिलनसार स्वभाव के कारण हर वर्ग के लोग उनसे जुड़े हुए थे।

×