रामनगर: पूछड़ी क्षेत्र में वन भूमि पर प्रशासन की सख्ती, ड्रोन सर्वे के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज

Published: 05 Dec 2025, 09:50 AM   |   Updated: 05 Dec 2025, 09:49 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

नैनीताल जिले के रामनगर में वर्षों से वन भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख में दिखाई दे रहा है। ग्राम पूछड़ी क्षेत्र में तराई पश्चिमी वन प्रभाग की भूमि पर लंबे समय से अवैध रूप से खेती की जा रही थी। पूर्व में वन विभाग ने इन कब्जों को चिह्नित किया था, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। मामले को लेकर कुछ लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की है, जो फिलहाल विचाराधीन है।

बताया जा रहा है कि कुछ वर्ष पहले तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने रामनगर नगर पालिका को कूड़ा निस्तारण (ट्रेंचिंग ग्राउंड) के लिए लगभग एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई थी। इसके बदले नगर पालिका ने वन विभाग को लगभग एक करोड़ रुपये भी दिए थे। इसके बावजूद भूमि पर कई लोगों द्वारा अवैध कब्जा करके खेती की जा रही है, जिससे सरकारी योजना प्रभावित हो रही है।

इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल, वन विभाग की एसडीओ किरण शाह, राजस्व टीम, पुलिस प्रशासन और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र का विस्तृत सर्वे किया। सर्वे के दौरान ड्रोन कैमरे की मदद से अवैध कब्जों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया गया। टीम के पहुंचते ही अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया और कुछ लोगों की अधिकारियों से हल्की नोकझोंक तक हो गई।

अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में नगर पालिका को आवंटित ट्रेंचिंग ग्राउंड की भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके लिए विस्तृत रणनीति बनाई जा रही है।
एएसपी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि वर्ष 2024 में वन भूमि पर कब्जे के आरोप में कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी जांच जारी है। सरकार के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गई है। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भोले-भाले लोगों को धोखा देकर बेहद कम दामों पर जमीन बेच दी।

अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर अवैध कब्जे कब और किस तरीके से हटाए जाएंगे। गौरतलब है कि वन विभाग की करीब 1000 हेक्टेयर भूमि पर 500 से अधिक परिवारों का कब्जा बताया जा रहा है।

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