70 दिन से सड़क पर आंदोलन! 40% को मिली पेंशन, 20% अब भी वंचित — दो माह से धरने पर बैठे सेवानिवृत्त कर्मचारी, सरकार की उदासीनता पर नाराज़गी तेज

Published: 12 Dec 2025, 08:27 AM   |   Updated: 12 Dec 2025, 08:26 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

देहरादून। सेवानिवृत्त कार्यप्रानान्ति से नियमित कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति अपनी एकमात्र मांग — पेंशन बहाली — को लेकर लगातार 70वें दिन भी धरने पर बैठी है।

समिति के प्रांतीय अध्यक्ष खेमराज सिंह कुडरा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ के फैसले, राज्य कैबिनेट के निर्णय और शासनादेश के बाद लगभग 40% सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन दी जा चुकी है, लेकिन 20% कर्मचारी अब भी पेंशन से वंचित हैं।

कुडरा ने बताया कि 1970–1992 के बीच नियुक्त और 2015 से पहले सेवायोजित लगभग 200 सेवानिवृत्त कर्मचारी दो महीनों से देहरादून में लगातार धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के दौरान दो बुजुर्ग कर्मचारियों की मौत ने सरकार की संवेदनहीनता उजागर कर दी है, ऐसा समिति का कहना है।

उनके अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रियों और समाजसेवियों की ओर से पेंशन बहाली का आश्वासन दिया जा चुका है और मामला मुख्यमंत्री के पास लंबित है, जिसे अगली कैबिनेट बैठक में रखने की बात कही गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है।

धरना स्थल पर क्रमिक अनशन में श्री मधुरादल, धरमपाल गर्ग सहित कई कर्मचारी शामिल रहे। सभा को रानीराम पांडे, ओमचन्द्र रमोला, मनोहर लाल मुण्डियाल, खडीह धामी, मनोहर चन्द्र जोशी, मखलाशी आदि नेताओं ने संबोधित किया।

संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी—

“पेंशन बहाली के बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा”

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