Published:
05 Dec 2025, 08:19 AM
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Updated:
05 Dec 2025, 08:18 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में 2012 से 2023 के बीच मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार को कुल 146 सरकारी ठेके दिए गए। यह जानकारी प्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे से सामने आई है। इन ठेकों का कुल मूल्य 383.74 करोड़ रुपये है।
हलफनामे के अनुसार, ये ठेके मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को दिए गए थे। इनमें:
दो ठेके उनकी पत्नी सेरिंग डोल्मा,
एक उनके भाई ताशी खांडू,
और एक उनकी भाभी नीमा ड्रेमा की कंपनियों को मिले।
तवांग जिले में कंपनियों को 42 ठेके 209.6 करोड़, 13 ठेके 29.1 करोड़, और 91 ठेके 145.04 करोड़ रुपये के मिले।
इनमें से 59 ठेके बिना टेंडर, सीधे वर्क ऑर्डर के माध्यम से दिए गए।
कम से कम 11 ठेकों की राशि 50 लाख रुपये से अधिक थी, जो 2020 में तय की गई सीमा से अधिक थी।
ठेकों में सड़क, पुल, नालियां, बिजली लाइनें, भवन, पर्यटन ढांचे, सामुदायिक भवन और कॉलेज निर्माण शामिल थे।
यह मामला एक PIL से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया कि सरकार ने CM परिवार से जुड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाया। सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने अदालत में कहा कि राज्य की तरफ से दी गई जानकारी पूरी और अपडेटेड नहीं थी।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच (जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता) ने अरुणाचल प्रदेश सरकार को 2015 से 2025 तक के ठेकों की पूरी जानकारी आठ हफ्ते में देने का निर्देश दिया।
सरकार ने कहा कि बिना टेंडर वर्क ऑर्डर जारी करना स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए सामान्य प्रक्रिया है, क्योंकि गांवों में लोग जमीन मुफ्त में देते हैं और स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जाती है।
सरकार का कहना है कि 95% ठेके खुले टेंडर प्रक्रिया के जरिए दिए गए हैं, इसलिए पक्षपात या पसंद-नापसंद का आरोप सही नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने टिप्पणी की कि CM के परिवार को इतने अधिक ठेके मिलना एक उल्लेखनीय संयोग है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को होगी।
