उत्तराखंड में हर जिले के दो गांव होंगे टूरिज़्म विलेज, होम स्टे और साहसिक पर्यटन पर जोर

Published: 07 Feb 2026, 08:18 AM   |   Updated: 07 Feb 2026, 08:20 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

देहरादून।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से पर्यटन और रोजगार से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। धामी सरकार अब राज्य के हर जिले में दो-दो गांवों को टूरिज़्म विलेज (Tourism Village) के रूप में विकसित करने जा रही है।

इस योजना का मकसद गांवों में होम स्टे, स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने निर्देश दिए हैं कि चयनित गांवों में तेजी से विकास कार्य शुरू किया जाए।

गांवों में क्या होगा विकास:

  • अधिक से अधिक होम स्टे विकसित किए जाएंगे।

  • वैलनेस टूरिज़्म, कृषि आधारित पर्यटन, हर्बल टूरिज़्म, विरासत पर्यटन और साहसिक पर्यटन को प्राथमिकता दी जाएगी।

  • स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प, भोजन और ग्रामीण सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।

विशेष गांव और उनका पर्यटन प्रकार:

  • अल्मोड़ा: माट और कसार देवी – वैलनेस पर्यटन

  • पिथौरागढ़: मदकोट – साहसिक और कृषि आधारित पर्यटन

  • नैनीताल: प्यूड़ा – वैलनेस पर्यटन

  • देहरादून: लाखामंडल – वैलनेस पर्यटन

  • बागेश्वर: सामुदायिक, साहसिक और कृषि आधारित पर्यटन

  • चमोली: घेस – साहसिक पर्यटन

  • उत्तरकाशी: जखोल – साहसिक पर्यटन

  • टिहरी: सौड़ – साहसिक पर्यटन

  • रुद्रप्रयाग: सारी – साहसिक पर्यटन

योजना के तहत प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स समिति गठित की जाएगी। इसमें ग्रामीण विकास, आयुष, कृषि, पंचायती राज और पर्यटन विभाग समेत अन्य विभाग शामिल होंगे।

इस पहल से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण रोजगार, स्थानीय उत्पादों की मांग और डिजिटल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। योजना से पहाड़ के गांवों में पलायन पर भी असर पड़ सकता है।

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