Published:
06 Feb 2026, 06:56 AM
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Updated:
06 Feb 2026, 06:59 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
उत्तराखंड में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट के संशोधित नियम राज्य में लागू हो गए हैं। इसके तहत यदि कोई चालक एक जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 के बीच एक वर्ष की अवधि में पांच या उससे अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो इसे गंभीर श्रेणी का अपराध माना जाएगा।
नए नियमों के अनुसार, यदि किसी चालक का पांच या उससे अधिक बार चालान कटता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले वर्ष के उल्लंघनों को अगले वर्ष की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। हर वर्ष की गणना अलग-अलग की जाएगी।
संशोधित नियमों के तहत अब चालान की सूचना इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एसएमएस या ई-मेल के जरिए तीन दिनों के भीतर भेजी जाएगी। वहीं, भौतिक चालान 15 दिनों के भीतर दिया जाएगा। चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर चालक को या तो चालान स्वीकार कर उसका भुगतान करना होगा या फिर पोर्टल पर इसे चुनौती देनी होगी।
यदि 45 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो चालान स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा। इसके बाद अगले 30 दिनों के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। यदि किसी को लगता है कि चालान गलत कटा है तो वह पोर्टल पर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ इसे चुनौती दे सकता है।
यदि अधिकारी द्वारा चुनौती खारिज कर दी जाती है तो चालक के पास न्यायालय में जाने का विकल्प होगा, लेकिन इसके लिए चालान राशि का 50 प्रतिशत पहले जमा करना अनिवार्य होगा।
नियमों का पालन न करने वालों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। लंबित चालानों का निपटान किए बिना वाहन के रजिस्ट्रेशन या ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही ऐसे वाहनों को पोर्टल पर “असंव्यवहार योग्य” श्रेणी में डाल दिया जाएगा, जिससे वाहन की खरीद-बिक्री नहीं हो सकेगी। अधिकारियों को नियमों का लगातार उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त करने का अधिकार भी दे दिया गया है।
